साल में बस होली पर निकलता है बाबरिया ढ़ोल, घोटा गैर में झूमते है 36 कौम के लोग

Special Tradition: भीनमाल की ऐतिहासिक घोटा गैर , जहां बाबरिया ढोल की गूंज और गैरियों का उत्साह पूरे शहर को झूमने पर मजबूर कर देता है! होली के इस खास मौके पर साल में सिर्फ एक बार बाहर निकलने वाला ये ढोल, सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है। भीनमाल के राजा द्वारा मील समाज को सौंपी गई यह परंपरा आज भी उसी जोश और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।

साल में बस होली पर निकलता है बाबरिया ढ़ोल, घोटा गैर में झूमते है 36 कौम के लोग
Special Tradition: भीनमाल की ऐतिहासिक घोटा गैर , जहां बाबरिया ढोल की गूंज और गैरियों का उत्साह पूरे शहर को झूमने पर मजबूर कर देता है! होली के इस खास मौके पर साल में सिर्फ एक बार बाहर निकलने वाला ये ढोल, सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है। भीनमाल के राजा द्वारा मील समाज को सौंपी गई यह परंपरा आज भी उसी जोश और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।