समोसा खिलाने के बहाने युवक को बुलाकर मारपीट का आरोप,
प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र के भरथीपुर गांव में स्कूल जा रहे एक युवक को कथित रूप से समोसा खिलाने के बहाने बुलाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है

प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र के भरथीपुर गांव में स्कूल जा रहे एक युवक को कथित रूप से समोसा खिलाने के बहाने बुलाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को बचाने पहुंची उसकी मां और बहन के साथ भी मारपीट की गई। मामले में मांडा थाने में अपराध संख्या 188/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को गांव निवासी विमलेश कुमार सोनकर पुत्र लालबहादुर सोनकर स्कूल जाने के लिए निकला था। आरोप है कि गांव के ही प्रदीप कुमार सोनकर उर्फ पिंटू, कन्हैयालाल सोनकर तथा धर्मचंद सोनकर उर्फ गिल्लू ने उसे समोसा खिलाने के बहाने बुलाया और इसके बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों का
आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने पर विमलेश की मां अपनी पुत्री के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां उन्होंने बेटे को मार खाते देखा। आरोप है कि मां और बहन ने जब उसे बचाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान विमलेश की बहन वीडियो बनाने लगी तो उसका मोबाइल फोन छीनकर ईंट-पत्थर से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके बाद महिला और उसकी पुत्री को कथित रूप से घर के अंदर ले जाया गया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद तीन अज्ञात युवकों ने दोनों के साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। आरोप यह भी है कि इसी दौरान आरती देवी पत्नी प्रदीप सोनकर और मंजू देवी मौके पर पहुंचीं और महिला व उसकी पुत्री के साथ मारपीट की। आसपास के लोगों के एकत्र होने
के बाद पीड़ित महिला, उसके पुत्र और पुत्री को बचाया जा सका। इसके बाद महिला ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर कुछ आरोपितों के फरार होने की बात कही गई है। घायल महिला, उसके पुत्र और पुत्री को उपचार के लिए मांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस के अनुसार, मामले में इठर की धारा 191(2), 115(2), 352, 351(3) एवं 324(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस नामजद आरोपितों के साथ तीन अज्ञात व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की पुष्टि जांच, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी








